भारतीय जैन मिलन ने श्रुत पंचमी महापर्व पर किया जाप्यानुष्ठान
मंदिर की साफ सफाई और शास्त्र सज्जा का लिया संकल्प
ललितपुर। जैन मिलन बहुमण्डल एवं वासुपूज्य जिनालय तालबेहट शाखा के तत्वाधान में श्रुत पंचमी महापर्व मनाया गया। जिसमें सुबह नित्यमय अभिषेक शांतिधारा के उपरांत माँ जिनवाणी का पूजन किया। जैन मिलन के अध्यक्ष विशाल जैन पवा ने कहा कि श्रुत पंचमी जैन धर्म का अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक पर्व है, जो ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को ज्ञान, शास्त्र और जिनवाणी की आराधना के लिए मनाया जाता है। लगभग 2000 वर्ष पहले आज ही के दिन मुनि पुष्पदंत और मुनि भूतबलि के द्वारा षट्खंडागम ग्रन्थ की रचना की गयी थी। जिसके मंगलाचरण में णमोकार महामंत्र लिपिबद्ध है। अतः भारतीय जैन मिलन ने आज के दिन णमोकार महामंत्र के जाप्यानुष्ठान का निर्णय लिया है अतः सभी को अधिक से अधिक जप करना है, अधिकतम जप करने वालों को क्षेत्र एवं राष्ट्र स्तर पर पुरस्कृत किया जायेगा। अनिल जैन बबीना ने कहा जैन कुल में देव शास्त्र गुरु की शरण मिलना परम सौभाग्य की बात है। जाप्यानुष्ठान के साथ सभी ने शास्त्र सज्जा एवं मंदिर सफाई में योगदान दिया एवं सतत करने का संकल्प लिया। सायं काल णमोकर महामंत्र का पाठ एवं जिनवाणी की मंगल आरती का आयोजन किया गया। जिसमें सकल दिगम्बर जैन समाज का सहयोग रहा। अंत में मंदिर समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन विरधा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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