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काव्य : पर्यावरण रक्षा - प्रतिभा दिनेश कर , सरायपाली


 

काव्य : 

पर्यावरण रक्षा


पौधा एक लगाएंआज कल की सांस बचाएंगे

सुनी धरती मुस्कायेगी ,हरियाली से सजाएंगे ।

हरे भरे बाग बगीचे ,फिर से लहलहाएंगे ।

धरती नाच उठेगी फिर से ,कल की सांस बचाएंगे।

धूप रही है माथे पर ,सूख रही है यह धरा।

पेड़ों की छाया लौटी तो महक उठेगी यह धरा।

नदिया फिर से गाएंगी, पंछी गीत सुनाएंगे ।

पौधा एक लगाएं आज कल की सांस बचाएंगे ।

बच्चों के सपनों के खातिर, धरती मां का मान रखो ,

आज जो बीज हम बोएंगे ,कल का उसको दान रखो।

हर आंगन में हरियाली हर मन में आशा लाएंगे ।

पौधा एक लगाएं आज, कल की सांस बचाएंगे।

ना यह बोझ ,ना यह कर्ज ,यह जीवन का वरदान है ।

पेड़ लगाकर लिख डालो ,एक पेड़ मां के नाम है ।

लगाकर जग में एक, नया विधान बनाएंगे ।

हर आंगन में हम सभी, एक पेड़ लगाएंगे।


 - प्रतिभा दिनेश कर

सरायपाली विकासखण्ड

महासमुन्द

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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