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काव्य : गीतिका - ऋतेश कुमार साहनी बरेली


 काव्य : 

 गीतिका


सबको गले लगाइये, तज के जात व पात।

एक दृष्टि से देखिये, सबको मेरे भ्रात!


देना है तो दीजिये ,दंड किसी को आप!

 किंतु किसी के पेट पर मारें कभी न लात!!


संत साधुओं के लिये, हर ऋतु है मधुमास!

चाहे भीषण ग्रीष्म हो, जाड़ा या बरसात !

इसमें कुछ संशय नहीं, और नहीं  संदेह!

निज माता है गुरु प्रथम , प्रथम देव निज तात।।


होते हैं  संसार में गुदड़ी में भी लाल ।

कीचड़ में भी उपजते ऐ ऋतेश जलजात।।


- ऋतेश कुमार साहनी बरेली उत्तर प्रदेश भारत

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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