20 जुलाई से वर्षा का तीसरा दौर प्रारंभ होगा : पुष्य नक्षत्र में वर्षा का प्रवेश होगा
18 जुलाई को होगा बंधक योग समाप्त
राहु केतु के बीच में बंधक बने ग्रह होंगे बाहर
भोपाल। 20 जुलाई को वर्षा का तीसरा नक्षत्र पुष्य शुरू होगा यह खण्ड वृष्टि के योग दे रहा है, इस नक्षत्र में स्त्री स्त्री संज्ञक प्रभाव बन रहा हैं एवं योग स्त्री, पुरुष रहेगा ,। बहिन्न नाडी एवं वर्षा का वाहन महीषी तथा वर्षा का स्वामी मंगल होगा। भारतीय मौसम आठ नक्षत्रो में बारिश करता है पुष्य नक्षत्र तीसरा नक्षत्र है ज्योतिष मठ संस्थान नेहरू नगर भोपाल के ज्योतिषाचार्य एवं भविष्यवक्ता पंडित विनोद गौतम ने बताया की उपरोक्त स्थिति के अनुसार इस नक्षत्र में वर्षा खंड-खंड योग में बारिश करेगी यह नक्षत्र आगामी। 3 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान किसी स्थान पर अधिक वर्षा से हानि एवं कहीं कम वर्षा देखी जा सकेगी अर्थात विचित्र बारिश होगी। पंडित गौतम के अनुसार जिस वर्ष अधिक मास होता है उसे वर्ष वर्षा का दौरा 15 दिन आगे रहता है
उन्होंने बताया की इसी प्रकार राहु केतु के बीच । बंधक सभी ग्रह अपना प्रभाव खो चुके थे। 18 जुलाई को। रात्रि में चंद्रमा के कन्या राशि में परिवर्तन से बंधक योग समाप्त होगा बंधक योग के समाप्त होने से विश्व स्तर पर युद्ध आदि की स्थितियों में भी परिवर्तन आएगा। कुछ ग्रह अपनी ताकत के साथ फिर से उठ खड़े होंगे राजा सूर्य के पीछे सेनापति मंगल का विचारण एवं मंगल के पीछे दैत्य सेनापति राहु का विचरण तथा पीछे शनि का विचरण चल रहा है यह ग्रह एक लाइन से एक दूसरे का पीछा कर रहे हैं वैश्विक स्तर पर गृह संकट की ओर जा रहे हैं ऐसा कहा जा सकता है । उपरोक्त गोचरीय प्रभाव से भीषण मानवीय एवं प्राकृतिक प्रकोप संभव है। वैश्विक स्तर पर इस योग से युद्ध के साथ शांति समझौता पर असर पड़ेगा ,परस्पर देशों में एक बार पुनः युद्ध आदि का दौर शुरू हो सकता है।
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