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गोष्ठी : जहर वो पीकर दिखाए भोले शंकर की तरह



गोष्ठी :  जहर वो पीकर दिखाए भोले शंकर की तरह 

मुजफ्फरनगर।  समर्पण हिन्दी उर्दु साहित्यिक संस्था *समर्पण* की मासिक गोष्ठी अमेरिकन इंग्लिश इंस्टीट्यूट लिंक रोड ,आदर्श कॉलोनी पर अध्यक्ष समर्पण ईश्वर दयाल गुप्ता की अध्यक्षता, साहित्यकार रामकुमार शर्मा रागी के संयोजन एवं डा.आस मोहम्मद के संचालन में सम्पन्न हुई ।

 गोष्ठी में मुख्य अतिथि डाॅ सहदेव सिंह और विशिष्ट डाॅ अनस आतिफ, संरक्षक अब्दुल हक सहर  व महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती सचिव श्रीमती सुनीता सोलंकी की गरिमामयी उपस्थिति रही। गोष्ठी का शुभारंभ श्रीमती सुनीता सोलंकी द्वारा सरस्वती वंदना तथा कैराना से आए सलीम जावेद द्वारा नात ए शरीफ के साथ हुआ

गोष्ठी में उपस्थित कैराना और मुजफ्फरनगर के शायरों की शानदार शायरी ने चार चाँद लगाये।  रचनाकार साहित्यकार कवि कवयित्री की गरिमामयी उपस्थिति से गोष्ठी सफल रही ।सभी रचनाकारों की  एक से बढ़कर एक रचनाएं एवं प्रस्तुति इस प्रकार रही- 

फुरकान आदम -
 "दौर ए हाजिर में बनाया आपने भगवन जिसे
 जहर वो पीकर दिखाए भोले शंकर की तरह "

डाॅ अनस आतिफ- 
 "अंधेरों में जलेगा तो वहाँ कुछ फायदा होगा 
    उजालों में चरागों की कोई कीमत नहीं होती"

सलीम जावेद- 
गर यकीं नहीं आता पूछ ले जमाने से
हर तरफ अंधेरा है चाँद डूब जाने से

समीर कुलश्रेष्ठ- 
"पाखण्ड पर न कीजिए कदापि तनिक विचार 
   रूढी बनती रही सदा, मानवता पर भार।।"

डाॅ सहदेव सिंह आर्य- 
प्रिय आ जाओ तुम हो भीगी भीगी यादों में 
मन के मेरे उपवन में,हो सौंधी सौधी यादों में ।।

अब्दुल हक़ सहर
"ये अचानक किस लिए हाथों में पत्थर आगये
वो तो इक पागल था बेचारा तुम्हे क्या होगया "

ईश्वर दयाल गुप्ता - 
तन मन का महीना है ,सावन का महीना है
माँ गंगे का महीना है,मेरे तिरंगे का महीना है

सलामत राही-
  क्यूँ किसी सूरत पूर्वजों दीवार पर आती नहीं 
मुद्दतों से तितलियाँ भी तो इधर आती नहीं ।।

तहफीन कमर असारवी- 
"लग गये हो हमें मनाने में 
लुफ्त आता है रूठ जाने में "

रामकुमार शर्मा रागी- 
"कुछ दिनों तक प्यार के नगमें सुनाना छोड़िये
आजकल के हर युवा को सरजमीं से जोड़िए। ।"
 
सुनीता सोलंकी- 
शब्द दिखावा जब करें, बोल पड़े स्वभाव 
झेंप उतारे किस तरह,मिलत नहीं जब भाव ।।
 

आस मुहब्बत अमीन - 
" रवा हुआ था जद पे हवाली मेरा चराग 
यूँ रात भी गुजर गई लेकिन बुझा नहीं। "

उपस्थिति इस प्रकार रही- अब्दुल फक सहर , अदीन अहमद , रामकुमार रागी,सहदेव सिंह आर्य, ईश्वर दयाल गुप्ता, सलामत राही, डाॅ आस मुहब्बत अमीन, सलीम जावेद , डाॅ अनस आतिफ, फुरकान खान आदम, समीर कुलश्रेष्ठ, सुनीता सोलंकी आदि सभी ने गोष्ठी को सफल बनाया । 

  समर्पण सचिव -सुनीता मलिक सोलंकी 'मीना'
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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