शासकीय कन्या महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा पर्व का आयोजन हुआ
गुरु का मार्गदर्शन युवाओं को वैज्ञानिक सोच और तार्किक दृष्टि प्रदान करता है: डॉ. कुमकुम जैन
इटारसी । उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, एनएसएस, एनसीसी एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी माँ सरस्वती एवं महर्षि सांदीपनि के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी गुरु-शिष्य की अंतःक्रिया प्रासंगिक है। गुरु की सीख ही विद्यार्थियों को तकनीक के सही और जनकल्याणकारी उपयोग की दिशा दिखाती है।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ. कुमकुम जैन ने गुरु परंपरा के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु केवल धार्मिक या पौराणिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसे मेंटर हैं जो युवाओं में वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टि और नए शोध की प्रेरणा जगाते हैं। एक सच्चा गुरु अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन में विवेक का प्रकाश भरता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राध्यापक डॉ. श्री राम निवारिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान अद्वितीय है, जो शिष्य को जीवन के वास्तविक मूल्यों और दायित्वों का बोध कराता है।
कार्यक्रम में छात्राओं ने गुरु की महिमा पर केंद्रित मनमोहक गीत एवं ओजस्वी भाषण प्रस्तुत किए।कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शिरीष परसाई ने गुरु परंपरा को ज्ञान के सतत प्रवाह का आधार बताया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रेमलता पाटिल ने कहा कि गुरु की सीख जीवन भर मार्गदर्शन करने वाली दिशा-सूचक होती है,
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारी एवं कार्यालयीन कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
प्राचार्य
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