ad

रक्षाबंधन महापर्व पर 700 श्रीफल समर्पित कर श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस मनाया


रक्षाबंधन महापर्व पर 700 श्रीफल समर्पित कर श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस मनाया

 जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर श्रेयांशनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया

भक्तामर महामण्डल विधान विश्व शांति महायज्ञ एवं हवन संपन्न

तालबेहट। कसबे के वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में परमपूज्य आचार्य प्रवर विद्यासागर महाराज एवं नवाचार्य समयसागर महाराज के मंगलमय आशीर्वाद एवं निर्यापक श्रमण तीर्थ चक्रवर्ती मुनि पुंगव सुधासागर महाराज की पावन प्रेरणा से रक्षाबंधन महापर्व पर 700 श्रीफल समर्पित कर श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस मनाया एवं जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर श्रेयांशनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया। सुबह कार्यक्रम के शुभारम्भ में वीरेंद्र विरधा ने ध्वजारोहण, वीरेंद्र बामौर ने मंगल कलश की स्थापना एवं सुनील करैरा ने ज्ञान दीप प्रज्वलित किया। विकास पवा, अंशुल गौना, अंकित चौधरी एवं सीमंत जैन भिलाई ने अभिषेक-शांतिधारा की क्रियाएँ संपन्न की। पूजन के उपरांत भक्तामर महामण्डल विधान विश्व शांति महायज्ञ एवं हवन के उपरांत देवेंद्र बसार, नीलेश गरेठा, सुरेंद्र विरधा ने जैन धर्म के 11वें तीर्थंकर श्रेयांशनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित किया। महामुनि विष्णुकुमार एवं मुनि अकम्पनाचार्य आदि मुनियों को 700 श्रीफल समर्पित किये एवं रक्षा सूत्र बाँधकर श्रमण संस्कृति रक्षक दिवस मनाया। गुरुवार रात्रि में जैन मिलन बहुमण्डल एवं वासुपूज्य जिनालय शाखा के संयुक्त तत्वाधान में णमोकार महामंत्र का पाठ एवं भक्तामर पाठ के साथ 48 दीप प्रज्वलित कर महाआरती में  पुण्यलाभ संचित किया। कार्यक्रम में महेंद्र जैन, विजय कुमार, सुशील मोदी, प्रदीप एड, श्रेयांश जैन, कमलेश सिर्सी, विनय जैन, चक्रेश कुमार,स्वतंत्र जैन, कपिल मोदी, हितेंद्र पवैया, राजेंद्र जैन, रोहित बबीना अंजेश गुन्देरा, अरविन्द कुमार, अजय जैन, मनीष कड़ेसरा एवं सकल दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन अनिल जैन बबीना एवं विशाल जैन पवा ने किया। आभार व्यक्त पुष्पेंद्र जैन विरधा एवं प्रवीन जैन कड़ेसरा ने किया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post