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​मंदसौर में सजेगा देश भर के साहित्यकारों से मंच, रचना पाठ होगा‘ मालव श्री अलंकरण’ प्रदान किया जाएगा


मंदसौर में सजेगा देश भर के साहित्यकारों से मंच,  रचना पाठ होगा‘ मालव श्री अलंकरण’ प्रदान किया जाएगा 

दशपुर साहित्य मंच और पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा ‘हिंदी महोत्सव’

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट 

​मंदसौर। माँ हिंदी की सेवा और मालव माटी के वरद् पुत्रों व साहित्य साधकों की स्मृति में दशपुर साहित्य मंच (मालव प्रान्त) द्वारा इस वर्ष भी भव्य 'हिंदी महोत्सव' एवं 'मालव श्री अलंकरण-2026' समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 

अनवरत छठें वर्ष आयोजित हो रहा यह गरिमामयी कार्यक्रम आगामी 6 सितंबर 2026 (रविवार) को कुशाभाऊ ठाकरे प्रेक्षागृह, मंदसौर में संपन्न होगा। 

यह आयोजन हिंदी विभाग, पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर) तथा दशपुर साहित्य मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

 अलंकरण ​संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि मोहित गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि दशपुर साहित्य मंच द्वारा प्रतिवर्ष यह प्रतिष्ठित अलंकरण देश के किसी ख्यातिनाम कवि अथवा साहित्य साधक को प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि:
​प्रथम अलंकरण: मुकेश मस्ताना (महागढ़)
​द्वितीय अलंकरण: विजय सिंह विद्रोही (प्रतापगढ़)
​तृतीय अलंकरण: रमेश शर्मा (चित्तौड़गढ़)
​चतुर्थ अलंकरण: राजगोपाल मूमल (भीलवाड़ा)
​पंचम अलंकरण: अजय हिंदुस्तानी (बेगू) को प्रदान किया गया है ।
​श्री गोस्वामी ने बताया कि इस वर्ष के षष्ठम (छठें) मालव श्री अलंकरण के नाम की घोषणा अभी नहीं की गई है। 6 सितंबर को सायंकाल कार्यक्रम के दौरान देश के मूर्धन्य साहित्यकार - कवि को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

कार्यक्रम प्रभारी यशवंत पाटीदार सिंघम ने बताया कि यह आयोजन पूर्ण रूप से माँ हिंदी की निस्वार्थ सेवा और साहित्य-संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से समर्पित है।

​कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः सत्र में होगा इसके बाद काव्यपाठ का सत्र आयोजित होगा, सायंकाल  राष्ट्रीय संतों, राष्ट्रीय कवियों, साहित्यकारों एवं समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति में अलंकरण समारोह आयोजित होगा।

​भारतीय पहनावे में आएँगे कवि

​आयोजक मोहित गोस्वामी ने बताया कि कार्यक्रम में अनुशासन और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाएगा:
​ भारतीय परंपरा के अनुसार पुरुष कवियों के लिए कुर्ता-पायजामा या धोती अनिवार्य रखा गया है (जीन्स या शॉर्ट्स पूरी तरह प्रतिबंधित हैं)। महिलाओं के लिए भी भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही पहनावा मान्य होगा।
​मंच पर मोबाइल में देखकर काव्यपाठ करना पूरी तरह वर्जित रहेगा। निर्धारित समय में काव्य पाठ पूर्ण करना होगा । देश के विभिन्न राज्यों से इस काव्य अनुष्ठान में सहभागिता के लिए स्वीकृतियां प्राप्त हुई है ।

​पंजीयन और संपर्क विवरण
​संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेश शर्मा और राष्ट्रीय सचिव सुनील वैष्णव ने देश-प्रदेश के अधिक से अधिक कवियों से इस साहित्यिक महाकुंभ का हिस्सा बनने की अपील की है।

​कार्यक्रम में अपना स्थान रचना पाठ के लिए आरक्षित करने के लिए न्यूनतम पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। 
​कार्यक्रम से जुड़ी अन्य किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित गोस्वामी उपलब्ध है ।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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