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रामायण केन्द्र भोपाल ने कृष्णशरण जन्मशताब्दी समारोह मनाया



पिता की स्मृति में एक प्रेरक आयोजन

रामायण केन्द्र भोपाल ने कृष्णशरण जन्मशताब्दी समारोह मनाया

भोपाल । रामायण केन्द्र भोपाल द्वारा  कृष्णशरण जन्मशताब्दी समारोह मनाया गया।
मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी अनिलानंद जी ने इस आयोजन को अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन माना उन्होंने  कहा कि ईश्वर के पश्चात माता-पिता ही इस संसार में साक्षात ईश्वर के रूप में होते हैं क्योंकि उन्होंने हमें जन्म दिया है। उन्हें सम्मान देना उनसे प्रेरणा लेना हमारे समाज और संस्कृति की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। वरिष्ठ साहित्यकार एवं आध्यात्मिक ऊर्जा के धनी शाला का पुरुष 94 वर्षीय श्री देवेंद्र दीपक जी की उपस्थिति महत्वपूर्ण थी उन्होंनेआयोजन की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति का प्रेरक उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि पिता की जन्मशती मनाना बहुत बड़ी बात है, इससे पीढियों का मार्गदर्शन होता है।  
 इस अवसर पर रामायण केंद्र की प्रतिनिधि पत्रिका उर्वशी  का अगस्त अंक जन्मशती विशेषांक के रूप में लोकार्पित किया गया।
आध्यात्मिक दर्शन और वैचारिक चिन्तन के प्रेरणापुरुष 
कृष्णशरण श्रीवास्तव स्वतंत्रता के पूर्व भोपाल के तलैया क्षेत्र में रहे, हिन्दी अंग्रेजी, उर्दू, अरबी और फारसी में वे निष्णात थे। उर्दू में रामायण और भगवतगीता पर उन्होंने काम किया था। मशहूर गीतकार कैफ भोपाली के साथ उन्होंने नौकरी की और शायरी भी। रेल्वे की नौकरी से सेवानिवृत होकर वे होशंगाबाद में ही रहे। उनका जन्म 26 अगस्त 1926 को इछावर में हुआ और 2010 में वे देवलोकवासी हुए।
रामायण केन्द्र के निदेशक और तीर्थस्थान मेला प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने  बताया कि बाबूजी का जीवन उच्च आदर्शो एवं सरल जीवन से पूर्ण रहा।
 होशंगाबाद रोड पर  होटल इनसिगनिया के भव्य और विशाल  खचाखच भरे सभागार में यह आयोजन अत्यंत गरिमा में रूप में मनाया गया जिसमें अंतर्राष्ट्रीय नृत्यांगना डॉ विजय शर्मा के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
समारोह में पद्मश्री डॉ नारायण व्यास, महामंडलेश्वर स्वामी अनिलानंद जी, प्रसिद्ध भाषा शास्त्री श्री संजीव वर्मा सलिल जबलपुर, बाल साहित्य शोध केंद्र के निदेशक श्री महेश सक्सेना जी तथा भोपाल नगर की संस्थाओं के सभी साहित्यिक मित्र परिजन उपस्थित रहे।  मशहूर शायर कैफ भोपाली की पुत्री श्रीमती परवीन कैफ विशेष  अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर श्रीवास्तव परिवार के समस्त सदस्य, परिजन उपस्थित थे। नगर के साहित्यिक मित्रों ने अपनी गरिमा में उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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