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काव्यों की फुहार से महकी रिश्तों की बगिया



काव्यों की फुहार से महकी रिश्तों की बगिया

 श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम अंतरराष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ में हुआ कवियों का अनूठा संगम

पिलखुवा। अयोध्याधाम ,श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम अंतर्राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ के तत्वाधान में *मोहब्बत और मीठा से सजी महफिल कविताओं में दिलों को जोड़ा* एक खूबसूरत विषय "रिश्तों में प्रेम और माधुर्य" पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री बीना गोयल  के द्वारा की गई । कार्यक्रम का शुभारंभ स्वाति 'पूजा ' के द्वारा सरस्वती वंदना के साथ हुआ।कार्यक्रम में सभी रचनाकारों को विशेष सानिध्य वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार अशोक गोयल "चक्रवर्ती" संस्थापक श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्थाअयोध्याधाम  द्वारा प्राप्त हुआ। उन्होंनेअपने उद्बोधन में रिश्तों  में प्रेम और माधुर्य  के महत्व को दर्शाते हुए  मंच को संबोधित किया और बहुत ही सुंदर रचना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में महासचिव श्रीमती शशिकला पाण्डेय जी भी उपस्थित रहीं ।कार्यक्रम का सुंदर संचालन सचिव श्रीमती आँचल जैन जी, एवं श्रीमती संध्या श्रीवास्तव 'सांझ' जी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सभी रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक कविताएं प्रस्तुत की जिससे संपूर्ण पटल रिश्तों की महत्ता से गुंजायमान हो गया। सभी की रचनाएँ एक से बढ़कर एक भाव विभोर कर देने वाली रही।आमंत्रित मुख्य अतिथि महोदया श्रीमती ऊषा सूद जी द्वारा अत्यंत भावुकता से भरी रचना प्रस्तुत की गई जिसे सुनकर सभी के चेहरो पर मुस्कान आ गई।आमंत्रित  रचनाकारों में आँचल जैन, कटनी,रजनी सिंह गाजियाबाद,आशा बिसारिया चंदौसी ,स्वाति 'पूजा' ग्रेटर नोएडा,रीता गुगलानी,फरीदाबाद,
संध्या श्रीवास्तव सॉंझ छतरपुर,सविता मेहरोत्रा 'सुगंधा' प्रयागराज,मंजू दलाल ,मंजरी, नई दिल्ली ,ज्योत्सना चोपड़ा अहमदाबाद, आशा शर्मा इंदौर, डॉ मधु स्वामी गाजियाबाद,चंद्रकला शर्मा, छत्तीसगढ़,डाॅ०(कु०)शशि जायसवाल,प्रयागराज,श्रीमती शशिकला पाण्डेय,भिलाई ,डॉ किरण कुमारी भागलपुर, शालिनी श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहीं।कार्यक्रम के अंत में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कवयित्री बीना गोयल ने आगंतुक सभी रचनाकारों का आभार प्रकट किया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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