मंदसौर के दशपुर साहित्य मंच पर "गंगांजलि" साझा काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण
रचनाकारों को शब्द शिल्प सम्मान प्रदान किए गए
मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर । दशपुर साहित्य मंच मालव प्रांत के मंच पर रविवार 6 सितंबर 26 को साहित्य मनीषियों ने अपनी रचनाओं से माहौल को साहित्यमय कर दिया। बसंत ऋतु को रचनाकारों ने बखूबी चित्रण किया। गीत ग़ज़ल करुणा संवेदना वीर रस हास्य व्यंग से सार्थकता पूर्ण रचना पाठ विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे साहित्यकारों कवियों ने मंच से किया ।
आरंभ में हिन्दी महोत्सव और मालव श्री अलंकरण समारोह उद्घाटन सरस्वती वंदना से हुआ । चित्रकार राहुल राठौर द्वारा निर्मित मां सरस्वती के बहुरंगी चित्र का अनावरण मंच पर अतिथियों और कोर ग्रुप ने किया ।
कार्यक्रम में प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा संस्थापक श्री संगम त्रिपाठी, राष्ट्रीय कवि रामवल्लभ गुप्त इन्दौरी, जन परिषद संस्था प्रांतीय सह सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ घनश्याम बटवाल साहित्यकार श्री राजेश रावल ने आतिथ्य प्रदान किया ।
दशपुर साहित्य मंच मालव प्रांत के आयोजन अवसर पर गंगांजलि साझा काव्य संग्रह का लोकार्पण किया ।
गंगांजलि साझा काव्य संग्रह का संपादन डॉ. अजय शुक्ल ने किया हैं इस संग्रह में कवि संगम त्रिपाठी हास्य व्यंग जबलपुर मध्यप्रदेश, कवि पंकज बुरहानपुरी कवि लेखक बुरहानपुर, कवि श्याम फतनपुरी कवि गीतकार गोमती नगर लखनऊ, डॉ. सोमनाथ शुक्ल कवि लेखक प्रयागराज की रचनाएं संग्रहित हैं। गंगांजलि साझा काव्य संग्रह भावनाओं का काव्य संगम है।
गंगांजलि साझा संग्रह का लोकार्पण वरिष्ठ कवि साहित्यकार रामवल्लभ गुप्त इंदौरी, शिव डांगी, धनपाल धमाका, पप्पू सोनी, विजय विद्रोही, दादु जी, मोहित गोस्वामी मुकेश जी ,संगम त्रिपाठी, राजेंद्र तिवारी ने किया।
काव्य पाठ करने वाले रचनाकारों एवं अतिथियों को दशपुर साहित्य मंच द्वारा शब्द शिल्प सम्मान और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया ।
संचालन श्री मोहित गोस्वामी ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कवि साहित्यकार लेखक उपस्थित रहे ।
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साहित्यिक समाचार
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