पर्यूषण पर्व पर दिगंबर जैन मंदिर कंकरखेड़ा में हुआ कवि सम्मेलन
पर्यूषण पर्व पर कवि सम्मेलन
णमोकार मंत्र जपने से खुलता मोक्ष का द्वार है ,
यह महामंत्र णमोकार है यह महामंत्र णमोकार है
कंकरखेड़ा, मेरठ । पर्यूषण पर्व के उपलक्ष में श्री दिगंबर जैन पंचायति मंदिर कंकरखेड़ा में अखिल भारतीय जैन साहित्य परिषद द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत श्री हेम चंद जैन ,श्रीपाल जैन , शरत जी जैन ,देवेंद्र जैन, मंगल जैन , विपिन जैन, राजीव जैन,द्वारा भगवान महावीर और जिनवाणी के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर हुई । जिनवाणी वंदना श्रीमती प्रीति जैन ने की । उसके बाद कवि सम्मेलन का प्रारंभ हुआ । जिसमें हिन्दी पर कविता प्रस्तुत करते हुए श्रीमती चित्रा त्यागी ने कहा' समाज संस्कृति की हूं मैं पोषक ,सदा सभ्यता सिखाती हूं,हर एक युग धर्म चरित्रों में, मैं मानवता पढ़ाती हूं , क्योंकि मैं हिंदी हूं ,मैं हिंदी हूं ,मैं हिंदी हूं '। राम लखन पटेल ने पर्यावरण पर अपनी कविता प्रस्तुत करते हुए कहा ' ताकि जिंदा रहे कल भी पर्यावरण, पेड़ पौधे जमीन पर लगाया करो, जब तलक है प्रकृति तब तलक ही है हम ,बात सच है यह मत भूल जाया करो ' । संजय जैन सत्यम ने प्रेम के ऊपर अपनी रचना प्रस्तुत की ' प्रेम आंसुओं में बहे , भावनाओ में है कहे ,प्रेम तो उपासना है , मनो का यह मान है । प्रेम है सुभाष जी का, प्रेम है आजाद जी का ,प्रेम है पटेल जी का, देश की जो शान है '। अतिवीर जैन पराग ने महामंत्र णमोकार पर अपनी पंक्तियों देते हुए कहा ' अठावन मात्राएं, पैंतीस अक्षर, पांच पदों का सार है, इसको नित जपने से ,खुलता मोक्ष का द्वार है। ये महामंत्र णमोकार है, ये महामंत्र णमोकार है '। कार्यक्रम का संचालन श्री अतिवीर जैन पराग और संजय जैन सत्यम ने संयुक्त रूप से किया । कार्यक्रम में श्री मंगल जैन और विपिन जैन ,चेतना जैन का विशेष सहयोग रहा । कार्यक्रम में श्री प्रवीण जैन,श्री जितेंद्र जैन, श्रीपाल जैन श्री मति सुनीता जैन, श्री महेंद्र रस्तोगी, श्री विमल कांत कौशिक ,श्री शीलवर्धन ,श्री विनोद जैन, श्री यशपाल सिंह जांगिड़, श्री हेम चंद जैन , जैन, श्री नवीन जैन, श्री राजीव जैन,श्री देवेंद्र जैन , आदि का उपस्थिति वह सक्रिय सहयोग रहा ।
इंजी. कवि अतिवीर जैन * पराग *
पूर्व उपनिदेशक, रक्षा मंत्रालय
कंकर खेड़ा, मेरठ केंट-250001
Tags:
साहित्यिक समाचार
.jpg)