किसी लेखक में संभावनाओं की पदचाप बहुत पहले ही सुनाई दे जाती है- राजेश जोशी
भोपाल।
शनिवार 24 फरवरी 2024, पलाश रेसीडेंसी होटल के विमर्श सभागार में अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच एवं हेमंत फाउंडेशन के द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के अलंकरण समारोह में हेमंत स्मृति कविता सम्मान एवं १३ विधा पुरस्कार से साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
२३ वां हेमंत स्मृति कविता सम्मान पूनम ज़ाकिर (आगरा) को उनके कविता संग्रह "नाच" के लिए दिया गया।
अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच की संस्थापक अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन में - "राजेश जोशी को साहित्य जगत का चमकता सितारा कहते हुए उन्हें "देवानंद" भी कहा ।
अध्यक्ष राष्ट्रीय कवि राजेश जोशी ने साहित्यकारों को अपने कर कमलों द्वारा सम्मान पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि" किसी लेखक में संभावनाओं की पदचाप बहुत पहले ही सुनाई दे जाती है। साहित्यिक संस्थाओं का दायित्व है कि उन्हें सराहा संवारा जाय।"
विशिष्ट अतिथि हरीश पाठक ने हेमन्त से जुड़ी यादों का स्मरण करते हुए उसकी कविताओं की विवेचना की।
डॉ प्रमिला वर्मा ने हेमन्त के कविता संग्रह "मेरे रहते ... " से कुछ कविताओं को पढ़कर उनके जीवन से संबंधित यादों को सुनाया तो माहौल मार्मिक हो गया, सभी की आँखें नम हो गईं।
विशिष्ट अतिथि राजेश श्रीवास्तव ने कहा "संवेदनाओं की कोई विधा नहीं होती उनकी अभिव्यक्ति किसी भी विधा में की जा सकती है।" प्रयागराज से आई सरस दरबारी ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच की स्थापना के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए उसके विज़न, मिशन और मूल्यों को स्पष्ट किया।
सञ्चालन मुज़फ़्फ़र सिद्दीकी ने किया।
मध्यप्रदेश इकाई की अध्यक्ष महिमा श्रीवास्तव वर्मा ने आभार व्यक्त किया।
दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। समारोह के अध्यक्ष संजीव कुमार (दिल्ली) ने अपनी प्रतिनिधि कविता आईना पढ़कर सुनाई। मुख्य अतिथि हीरालाल नागर ,
विशिष्ट अतिथि स्वाति तिवारी एवं डॉ . क्षमा पांडे थीं। संचालन जया केतकी शर्मा एवं आभार डॉ विनीता राहुरीकर ने किया। कार्यक्रम का संयोजन रानी सुमीता ने किया।
इस अवसर पर बाहर से आए हुए लेखक भोपाल शहर से अनेक लेखक एवं पत्रकारों ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रस्तुति:
- मुज़फ़्फ़र सिद्दीकी
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