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हिंदी साहित्य सम्मेलन का लब्धप्रतिष्ठित "वागीश्वरी" पुरस्कार सागर की डॉ.सुजाता मिश्र को


 हिंदी साहित्य सम्मेलन का लब्धप्रतिष्ठित "वागीश्वरी" पुरस्कार सागर की  डॉ.सुजाता मिश्र को 

सागर/ भोपाल।

म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन की 65वीं वर्षगांठ पर आयोजित "नीलम जयंती शब्द उत्सव"  14 से 16 जून 2024 भोपाल में सम्पन्न हुआ।

 ज्ञातव्य है कि हिंदी साहित्य सम्मेलन की स्थापना 1मई 1910 में नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा वाराणसी में हुई थी।  पंडित मदनमोहन मालवीय,श्री पुरुषोत्तमदास टंडन, महात्मा गांधी जैसे व्यक्तित्व का जुड़ाव इस संस्था के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है।देश भर में हिंदी साहित्य सम्मेलन की अनेक शाखाएं हैं जिनमें हिंदी साहित्य सम्मेलन मध्यप्रदेश  का स्थान प्रमुख है।

सम्मेलन के अंतिम दिन आयोजित अलंकरण, सम्मान एवं पुरस्कार समारोह में डॉ.हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के हिंदी विभाग में अतिथि विद्वान के रूप में अपनी सेवाएं दे रहीं डॉ.सुजाता मिश्र को उनकी पुस्तक ’हिंदी सिनेमा की स्त्री यात्रा’ (कथेतर गद्य विधा) के लिए वर्ष 2023 का प्रतिष्ठित वागीश्वरी  पुरस्कार प्रदान किया गया।  पुरस्कृत पुस्तक ‘हिंदी सिनेमा की स्त्री यात्रा’ का विमोचन गौर जयंती के अवसर पर आयोजित गौर उत्सव में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता, तत्कालीन कुलाधिपति प्रो. बलवंत जानी तथा यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रो. डीपी सिंह के हाथों हुआ था। सागर शहर की प्रतिष्ठित संस्था श्यामलम् द्वारा गत वर्ष पुस्तक पर चर्चा और विमर्श का आयोजन भी किया गया था जिसमें सुविख्यात साहित्यकार डॉ.शरद सिंह,प्रो.आनंद प्रकाश त्रिपाठी तथा प्रो.चंदा बैन सहित सागर सभंगायुक्त मुकेश शुक्ला जी ने पुस्तक पर अपने विचार रखे थे। 

  तीन दिवसीय सम्मेलन में देश भर से प्रतिष्ठित साहित्यकार ,रचनाकार,पत्रकार शामिल हुए। जिनमें  वरिष्ठ साहित्यकार प्रयाग शुक्ल, प्रो.राधावल्लभ त्रिपाठी, प्रो.मनिमोहन ,लमही के संपादक विजय राय, राजेश जोशी,विष्णु नागर, महेश कटारे , पवन माथुर, राजेश बादल, विजय अग्रवाल, प्रो.बहादुर सिंह परमार, डॉ.नुसरत मेंहदी, गीत चतुर्वेदी आदि के नाम प्रमुख हैं। सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराधा शंकर सिंह तथा साहित्यकार रवि श्रीवास्तव द्वारा किया गया। श्यामलम् के अध्यक्ष उमा कान्त मिश्र ने डॉ.सुजाता को वागीश्वरी पुरस्कार मिलने को सागर शहर की साहित्यिक उपलब्धि मानते हुए मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस उपलब्धि पर सागर शहर के शुकदेव प्रसाद तिवारी,एल एन चौरसिया,डॉ सुरेश आचार्य, डॉ श्याम मनोहर सीरोठिया,सुश्री शरद सिंह, मुन्ना शुक्ला,टी आर त्रिपाठी,आशीष ज्योतिषी, प्रदीप पांडेय, डॉ चंचला दवे, डॉ अंजना चतुर्वेदी तिवारी,सुनीला सराफ, आर के तिवारी, डॉ मनीष झा, हरी सिंह ठाकुर, कपिल बैसाखिया, संतोष पाठक, पूरनसिंह राजपूत, डॉ नलिन जैन,डॉ नवनीत धगट, वीरेंद्र प्रधान, रमाकांत मिश्र,ऋषभ भारद्वाज,पुष्पेंद्र दुबे, अंबर चतुर्वेदी चिंतन, अर्चना प्यासी, डॉ विनोद तिवारी, असरार अहमद, मुकेश तिवारी,नीतू नयन सहित अनेक साहित्यकारों, रचनाकारों व संस्थाओं द्वारा डॉ.सुजाता मिश्र को शुभकामनाएं दी गई हैं।



देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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