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वरिष्ठ महिला साहित्यकारों की संस्था 'फुरसत में' ने गुरु पूर्णमा पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया


 

वरिष्ठ महिला साहित्यकारों की संस्था 'फुरसत में'  ने गुरु पूर्णमा पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया

जमशेदपुर । वरिष्ठ महिला साहित्यकारों की संस्था 'फुरसत में'  ने गुरु पूर्णमा पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया।पहली प्रस्तुति एवं गुरु वंदना के साथ मंच संचालन करते हुए इंदिरा पाण्डेय ने अपनी रचना पढी'गुरु आपके उपकार का, कैसे चुकाऊं मैं मोल..लाख कीमती धन भला, गुरु हैं मेरा अनमोल।

द्वितीय रचना कवयित्री कथाकार पद्मा मिश्रा की थी..'अज्ञान तिमिर जब बढ़ जाए, अनुभव के दीप जलाते हो।

अंतर की कोमल माटी पर करुणा की मँजरिया खिलती,

तुम हृदय बुद्धि का मान लिए, साक्षर विवेक बन जाते हो।

गुरु के चरणों में अर्पित है, शत बार नमन, पावन वंदन

अभिनंदन है शत बार तुम्हें, भावों के दीप करूं अर्पण!!...इसके पश्चात सच्चे गुरु की तलाश करती वरिष्ठ कवयित्री  रेणुबाला मिश्र ने अपनी रचना पढी. --सच्चे गुरु की तलाश है

मन में एक विश्वास है

नजरों के समक्ष नहीं आते

पर वे मेरे आस-पास हैं।।

कवि गोष्ठ

 के अगले चरण में वरिष्ठ गीतकार छाया प्रसाद ने अपने सुंदर गीत से सबको कर दिया।भारी यह दुनिया,

मुझे मोह में फंसाया।

गुरुवार तुम्हें ने मुझको मद-मोह से छुड़ाया।

दीक्षा मिली है ऐसी,ज्ञनार्जन कर रही हूं।

जब से मिले हो गुरुवर मैं धन्य हो गई हूं।कविताई के सुंदर दौर से गुजरती शाम में संस्था की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती आनंद बाला शर्मा  ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी।

कोटिश: नमन "गुरु पूर्णिमा" पर 

प्रथम गुरु माता-पिता

 और गुरुओं को, नमन 

अपनों को नमन 

जिन्होंने जीवन जीना सिखाया'।

सुधा अग्रवाल की रचना थी *-हे नाथ प्रार्थना करती हूं..हालांकि हूं उस योग्य नहीं..अपने ज्ञानदीप की लौ से .मेरा तिमिर दूर करो*।

पुणे से शामिल वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती किरण सिन्हा

 अपनी भावप्रवण रचना के साथ प्रस्तुत थीं--शतबार नमन मेरा उनको,

जिससे भी सीखा कुछ अच्छा 

भला हुआ मेरा, हुआ मन सच्चा 

ढूंढ रहा मन बनकर बच्चा -किरण सिन्हा..

इस काव्य मंच पर अधिकांश सदस्य शामिल थे।धन्यवाद डा सरित किशोरी श्रीवास्तव ने किया तो स्वागत डा मीनाक्ष कर्ण ने किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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