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स्टेट बैंक ज्ञानार्जन एवं विकास संस्थान में 'अंजा की शादी' का द्वितीय मंचन


 

स्टेट बैंक ज्ञानार्जन एवं विकास संस्थान में 'अंजा की शादी' का द्वितीय मंचन

भोपाल । स्टेट बैंक ज्ञानार्जन एवं विकास संस्थान के प्रांगण में दिनांक 20/07/2024 को फाउंडेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफ डी पी)-1 में शामिल प्ररिविक्षाधीन अधिकारियों (PO) ने प्रशिक्षण समाप्ति की पूर्व संध्या पर आज स्पंदन नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया। 

इस रंगारंग कार्यक्रम क़ी मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध शायर डॉ महताब आलम और अध्यक्ष, संस्थान के निदेशक श्री संजय कुमार रहें। इस कार्यक्रम में सुश्री टंडन और  श्री मुंड ए जी एम की भी उपस्थिति रही। प्रशिक्षणथिओं ने अलावा मुख्य  अतिथि एवं श्री संजय सरस की रचनाओं ने ढे़रों तालियां बटोरी।

जहाँ डाॅ आलम ने अपने अनुभव प्रशिक्षणथियों से साँझा किये और शेरो एवं गजलों ने के माध्यम से अपनी बात कही। उनकी राम के बारे मे विचार बडे़ सराहनीय थे और उन्होंने इस जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उनके शेर ने बच्चों ने तालियों की गूंज से सराहा।

"कोई चमन कहीं जन्नत निशां नहीं होता

अगर जमीं पे हिन्दुस्तान्  नहीं होता।"

या

"मेरी ख्वाहिश है तेरी जात का हिस्सा हो जाऊं

 एक नजर देख ले मुझे तो तुझसा हो जाऊं।"

                                  डाॅ आलम

कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री संजय कुमार,(साहित्यिक नाम संजय सरस) निदेशक, की अपनी कविता  'श्मशान में दिया जलाया गया है' पढ़ा।

"मुझे जब आग में ही जलाना है, 

तो फिर क्यों नहलाया गया है |

मर तो मैं कब का गया था, 

आज तो बस जलाया गया है |

                      संजय सरस

या, उनकी पंक्ति

"जब  शमशान में हुतासन जलाया गया है,

 तो क्यूँ न शहर के अनल को बुझाया गया है,

 अब चारों ओर घोर अंधेरा छाया हुआ है,

 चलो ए अच्छा हुआ कि शमशान में दीया जलाया गया है।".   संजय सरस

इस क्रम में संजय सरस द्वारा  परिकल्पित और रचित और आलोक गच्छ और भावना द्वारा निर्देशित नाटक 'अंजा  की शादी' (द्वितीय मंचन)  कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिये। इस नाटक में बदलते हुए सामाजिक परिवर्तन को हास्य के माध्यम से दर्शकों तक ले जाया गया है। कलाकारों में अभिषेक, ज्योति, राहुल, हंसिनी और  प्रिया का नाम उल्लेखनीय रहा।

इस इस कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी प्रतिभा से आश्चर्यचकित किया ।   मुख्य प्रबन्धक श्री नीरज याग्निक के द्वारा गाया गया गीत  ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मंच संचालन  सुभी गुप्ता  ने किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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