काव्य :
रक्षा का कर्तव्य
रक्षा बंधन का पावन त्योहार है आया,
भाई बहनों के लिए, खुशियां है लाया।
राखी बस एक रेशम का धागा नहीं,
भाई बहन के प्रेम का अटूट बंधन है।
इस निर्मल प्रेम को मन में आरूढ़ करें,
बहनों की रक्षा का कर्तव्य
हम ही पूर्ण करें।
चलो हम सभी आज मिलकर,
एक यही सौगंध खाएंगे।
कर्तव्य अब से हमारा है,
बहनों की अस्मिता बचाएंगे ।
निकृष्ट, व्यक्तियों की कुदृष्टि से,
सभी बहनों को दूर करें ।
बहनों की रक्षा का कर्तव्य,
हम ही पूर्ण करें ।
किसी भाई की कलाई ,
सुनी न रह पाए ।
राजा भैया को नन्ही ,
गुड़िया मिल जाए ।
मां की गोद में ,
बेटी को भी पलने दो ।
संग बेटे के,बेटी को भी बढ़ने दो ।
संसार में सुरक्षित,
कन्या भ्रूण को करें ।
बहनों की रक्षा का कर्तव्य,
हम ही पूर्ण करें
लड़का लड़की हैं समान ,
कब यह सभी को ज्ञान होगा ।
बेटियां ऊंचे पद में जाएंगी तो ,
यह हमारा भी तो मान होगा ।
ईश्वर का वरदान है ,
भाई बहन का मनोहर जोड़ा ।
अज्ञानता के वश में अधमो ने ,
इस रिश्ते को बनने से पहले तोड़ा ।
इस निश्छल रिश्ते को क्यों ?
अपूर्ण करें
बहनों की रक्षा का कर्तव्य ,
हम ही पूर्ण करें ।
इन प्यारे रिश्तों को ,
गरिमामय जीने दे ।
दुनिया में आने से पहले ,
इन्हें न मिटने दें ।
मर्यादित हर व्यक्ति ,
का हो शुभेष।
सम्मान से जी सके मासूम बहने ,
ऐसा बनाए हम अपना देश ।
दुष्टों के कुत्सित मनसा,
को सदभाव से चूर्ण करें ।
बहनों की रक्षा का कर्तव्य,
हम ही पूर्ण करें ।
निडर हो बहने,अपने लक्ष्य,
की ओर आगे बढ़ने को ।
भाई बहन सहारा बने एक दूसरे का,
जीवन में नई नई राह गढ़ने को ।
और कोई "निर्भया"ना बन जाए ,
इसकी जिम्मेदारी हर भाई को है लेनी।
नारी की कीर्ति के लिए ,
पग ,पग आगे तूर्णकरें ।
बहनों की रक्षा का कर्तव्य,
हम ही पूर्ण करें।
- अंजना दिलीप दास
बसना महासमुंद ( छत्तीसगढ़)
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Thank you so much संपादक महोदय बहुत बहुत आभार 🙏🏻
ReplyDelete🙏🌹❤️जय श्री कृष्णा❤️🌹🙏
ReplyDelete*अपनी खुशियों को भाइयों पर वार देती हैं,*
*बहनें तो ताउम्र बस स्नेह और प्यार देती हैं।*
*लड़ता है भाई बेशक वजह बेवजह बहन से,*
*पर बहन से नोकझोंक ही उसे करार देती है।*
Happy Raksha Bandhan
🌹🌹🌹राधे राधे🌹🌹🌹
🙏🏻🙏🏻🙏🏻
Deleteआज तेरी कुछ कमी सी थी
ReplyDeleteहर पल आंखों में नमी सी थी
Missed you dear 😍
राधे राधे 🙏🙏🙏🙏🙏
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर पंक्तिया