काव्य :
हिन्दी भारत देश का गौरव
हिन्दी भारत देश का गौरव,भविष्य की ये आशा है।
हर भाषा संतान इसकी,हिन्दी हमारी मातृभाषा है।
हिन्दी हमारी मातृभाषा,प्यारी है इसकी हर बोली।
इसकी माटी में घुला है,संस्कृति का अमर गोली।
दिलों को जोड़े,दिल से देती भाषा भरकर झोली।
हर शब्द में बसती इसकी,प्यारी महक चंदन रोली।
हर दिल की धड़कन बन,जन-जन की परिभाषा है।
हिन्दी भारत देश का गौरव...........1.
हिन्दी हमारी जान है, हिन्दी हमारा अभिमान
सब भाषाओं की जननी,इसका गाएँ गुणगान।
हिन्दी से है प्रेम हमें,हिन्दी से मिलता है मान।
हर शब्द में बसी है,ये भारत देश का सम्मान।
हर बोली,हर भाषा को,इसपर प्रगाढ़ विश्वासा है।
हिन्दी भारत देश का गौरव...........2.
- सुन्दर लाल डडसेना"मधुर"
शास. आदि कन्या आश्रम डुडूमचुवाँ वि.खं.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ.ग.) पिन नं- 493558
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