काव्य :
आया नवरात्रि त्यौहार
आया माँ दुर्गा का त्यौहार,भक्ति में गूंजे संसार।
शक्ति का होवे संचार,मंगलमय हो हर परिवार।।
आया नवरात्रि त्यौहार,भक्ति में गूंजे सारा संसार।।
सज गई चौकी देखो, दीप जले हैं,
हर पल माँ का यहां प्रेम मिले है।
हो बैल पर होके सवार,शैलसुता का रूप श्रृंगार।
धरके आयी है मैया हम सबके द्वार।।
आया नवरात्रि त्यौहार,,,,,,,,,
माँ के चरणों में शीश झुकाये हम,
सुख-समृद्धि सब पायें हम।।
भक्तों का है बढ़ता प्यार,नवदुर्गा करती कल्याण।।
भरदे जीवन में हम, सबके सम्मान।।
आया नवरात्रि त्यौहार
होता शक्ति का संचार
मंगलमय हो घर-परिवार,,,,,
रूप तेरा देख हर भक्त मुस्काए री
आई देखो आई मैया रूप धर के आई रे...
रूप सोलह श्रृंगार
मन को भाए है अपार।।
आई आई मैया ,हम सबके द्वार।।
आया नवरात्रि त्यौहार.....
मैया की दिवानी सारे भक्तजन हो गये,
दर्शन से मैया के भावों में खो गये।।
भटके को राह दिखाए,
जीवन का आधार बनाये।।
विनती कर लो मैया ,मेरी स्वीकार।
आया नवरात्रि त्यौहार
होता शक्ति का संचार
मंगलमय हो हर एक परिवार
मैया का चोला सबको सुहाए
मैया की पायलिया मन को भाए
पहने के नरमुंडों की माल,
आयी शेर पर सवार
शेरावाली मैया ,,,आई सबके द्वार।
आया नवरात्रि त्यौहार,,,,,,
माथे पर चंद्र शीश पर शोभाए हैं ,
मां का रूप मनोहर मन को भाए है
आई सिंह पर सवार ,लेकर हाथ में कटार ,
शेरावाली मैया ,आई सबके द्वार ।।
हाथों में मेहंदी और चूड़ियां सजी है
आंखों में काजल माथे ,बिंदी लगी है
आई पुष्प पे सवार ,लेके हाथ में दुलार
शेरावाली मैया आई सबके द्वार।।
आया नवरात्रि त्यौहार ।
- प्रतिभा दिनेश कर
विकासखण्ड सरायपाली
जिला महासमुंद छत्तीसगढ़
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