कर्मकांडी ब्राह्मण महासभा की बैठक संपन्न: सभी त्यौहार एवं मंगल कार्यों की दक्षिणा निर्धारित
इटारसी। कर्मकांडी ब्राह्मण महासभा के नगर पुरोहित पंडित संदीप दुबे की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर में प्रथम तल पर संपन्न हुई जिसमें मुख्य रूप से पंडित विकास शर्मा, पंडित शरदचंद परसाई, पंडित प्रमोद भार्गव, सहित पंडित मुरारी लाल उपाध्याय, पंडित हेमंत तिवारी, पंडित सत्येंद्र पांडे, पंडित पीयूष पांडे, पंडित हिमांशु दुबे, पंडित रूपेश दुबे, पंडित नीलेश दुबे, पंडित अमन द्विवेदी, पंडित सुधीर शुक्ला, पंडित रमेश दुबे, पंडित सचिन दुबे सहित बड़ी संख्या में कर्मकांडी ब्राह्मण उपस्थित थे। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव क्रमांक एक पर निर्णय लिया गया कि नवरात्रि के अवसर पर पूजन आदि के लिए प्रति ब्राह्मण ग्यारह सो रुपये प्रतिदिन कि दक्षिण होगी। प्रस्ताव क्रमांक 2 पर निर्णय लिया गया की दीपावली, लक्ष्मी पूजन पर न्यूनतम इक्कीस सो रुपया प्रति ब्राह्मण दक्षिण होगी। रात्रि कालीन जो भी धार्मिक पाठ आयोजित होते हैं उसकी दक्षिणा न्यूनतम पन्द्रह सो रुपया प्रति रात्रि होगी। प्रस्ताव क्रमांक 3 में निर्णय लिया गया कि विवाह संस्कार, मंगल कार्य के लिए वर एवं कन्या पक्ष दोनों से मिलाकर ग्यारह हजार रुपए न्यूनतम दक्षिणा तय की गई। प्रस्ताव क्रमांक 4 में निर्णय लिया गया कि सभी प्रकार की कथाएं सभी पुराण एवं मूल पाठ की राशि सात दिवस अथवा नो दिवस की ग्यारह हजार रुपये होगी। नगर पुरोहित पंडित संदीप दुबे ने कहा कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाले मजदूरों से कम राशि कर्मकांडी ब्राह्मण को दी जाती है इनका भी अपना परिवार है और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं ।जब शादी विवाह और अन्य कार्यों में यजमान लाखों रुपया खर्च करते हैं तब कर्मकांडी ब्राह्मण को दक्षिणा देने में कंजूसी नहीं होनी चाहिए। महासभा ने बहुत सोच समझकर लंबे समय तक विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है जो यजमानो को स्वीकार करना चाहिए। पंडित प्रमोद भार्गव ने संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती हुई महंगाई में हमारे पास इसके अलावा कोई उपचार नहीं था। कर्मकांडी ब्राह्मण की दक्षिण यजमानों को बढ़ाना ही चाहिए। पंडित विकास शर्मा ने कहा कि बहुत लंबे समय से बहुत कम दक्षिण में कर्मकांडी ब्राह्मण कार्य कर रहे हैं।बच्चो के स्कूल की शिक्षा, स्वास्थ्य पर खर्च, घर का किराया, एवं घर ख़र्च, गाड़ी का पेट्रोल, आदि पर बहुत खर्च होता है अतः यजमानों को जो दक्षिणा न्यूनतम तय की गई है वह कर्मकांडी ब्राह्मण को दी जानी चाहिए। आभार प्रदर्शन पंडित मुरारी लाल उपाध्याय ने किया।
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