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12 से 17 जनवरी 2026 तक होने वाले पंचकल्याणक के लिए तैयारी जोरों पर


 

साधु संतों और गुरुओं के प्रति हमेशा विनय भाव रख़ना चाहिए - मुनि सुव्रत सागर

सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर निकली श्री जी की भव्य शोभा यात्रा

12 से 17 जनवरी 2026 तक होने वाले पंचकल्याणक के लिए तैयारी जोरों पर

तालबेहट (ललितपुर) । बुंदेलखंड के प्रसिद्ध दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में आचार्य प्रवर विद्यासागर महाराज के मंगलमय आशीर्वाद, नवाचार्य समय सागर महाराज की पावन प्रेरणा और वात्सल्य मूर्ति बुंदेली संत मुनि सुव्रत सागर महाराज के मंगल सानिध्य से आयोजित सिद्धचक्र महामंडल विधान में विशुद्धि पूर्वक सिद्धों की आराधना की गयी। अंतिम दिन मंगलवार को सुबह चमत्कारी बाबा मूलनायक भगवान पारसनाथ स्वामी का कलशाभिषेक, मुनि श्री के मुखारविन्द से मन्त्रोच्चार के मध्य शांतिधारा का आयोजन किया एवं मंगल आरती उतारी। मुनि सुव्रत सागर महाराज ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा श्रावकों को साधु संतों और गुरुओं के प्रति हमेशा विनय भाव रख़ना चाहिए। माता-पिता और गुरु के उपकारों को कभी नहीं भूलना चाहिए। 12 से 17 जनवरी 2026 तक होने वाले पंचकल्याणक के लिए तैयारी जोरों पर हैं, जिसमें जिनबिम्ब प्रतिष्ठा कराने एवं मुख्य पात्र बनकर महान पुण्य का संचय करने का अवसर आया है। मुन्नीबाई जिनेन्द्र जैन विदिशा ने राजा श्रेयांश एवं भावना अनिल जैन ललितपुर ने राजा सोम, मधु सनत जैन ललितपुर ने यज्ञनायक बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। पं. महेंद्र कुमार जैन शास्त्री के निर्देशन में अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान के उपरांत पूर्णाहुति के साथ विश्व शांति महायज्ञ, हवन का आयोजन किया गया। विमानोत्सव कार्यक्रम में श्री जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी। महाआरती में नीलेश जैन बांदरी ओमकार म्यूजिकल ग्रुप की संगीतमय धार्मिक धुनों पर श्रद्धांलुओं ने नृत्यमय भक्ति की। कार्यक्रम में अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन, मंत्री जयकुमार जैन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद्र जैन, उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा, संयुक्त मंत्री विकास भंडारी, विधान पुण्यार्जक शशि सुभाषचंद्र जैन, निधि विकास जैन, प्रवृत्ति विपिन जैन, सरोज सुभाषचंद्र जैन विदिशा, अटल नयाखेड़ा, राजीव मिठया, सौरभ पवैया, अमित जैन पिंटू,अक्षत पवा, तरुण आरौन सहित सैंकड़ो श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन ज्ञानचंद जैन बबीना एवं आभार व्यक्त विशाल जैन पवा ने किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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