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काव्य : है नव वर्ष फिर - रजनीश मिश्र 'दीपक' खुटार शाहजहाँपुर उप्र


 काव्य : 

 है नव वर्ष फिर                         

विधा-कुण्डलिया छन्द      


यारों पच्चीस जा रहा,बनने को इतिहास। 

करो इसे गुडबाय सब,भर मन में उल्लास। 

भर मन में उल्लास। नया तुम साल मनाओ। 

करके शुभ संकल्प,गीत खुशियों के गाओ। 

दीपक इस छब्बीस,भाव शुभ हृदय उतारो। 

भरो हृदय आनंद,सभी अपनो  के यारों। 

आया है नव वर्ष फिर,लेकर नव अरमान। 

करिए सब शुभ कामना,करिए स्वागत गान। 

करिए स्वागत गान,नव्य संवत का मिलकर।  

नव उमंग उत्साह भरे,अब हर दिल खिलकर। 

दीपक भर लो जोश,बनो रवि का हमसाया। 

फैलाओ सद्भाव,वर्ष नूतन है आया।                                             

  -  रजनीश मिश्र 'दीपक' खुटार शाहजहाँपुर उप्र

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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