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काव्य : बहुत ही लाजवाब है यह जिंदगी - एस के कपूर"श्री हंस" ,बरेली


काव्य : 

 बहुत ही लाजवाब है यह जिंदगी

।।विधा।।मुक्तक।।

1

मिल कर देखो कि प्यार का अफसाना ज़िंदगी।

हर  रंग को     समेटे कोई  तराना है  जिंदगी।।

ज़िंदगी इम्तेहान लेती हमें ही मजबूत बनाने को।

मिल कर जियो खुशी गम का याराना है जिंदगी।।

2

मन हार कर   कभी   कोई जीत पाता   नहीं है।

बिना संघर्ष के ख्याति कभी कोई  लाता नहीं है।।

मत इंतज़ार करते रहो कुछ अच्छा करने के लिए।

बात एक जान  लो कि कल कभी  आता नहीं है।।

3

बहुत सस्ती हैं खुशियां बसती इसी   जहान में।

मत खोजो उन्हें बहुत दूर कहीं आसमान   में।।

छोटी-छोटी खुशियां ही बन जाती जाकर बडी।

बस सोच हो आपकी अच्छी हर एक काम में।।

4

जान लो मेहनत  का हमें जरूर फल  मिलता है।

देर सही पर आज  नहीं तो कल मिलता        है।।

कोई मुश्किल नहीं ऐसी जिससे पार  न   पा सकें।

कोशिश से ही हर  समस्या का हल     मिलता  है।।

5

यूँ जियो कि जैसे  कोई  सुनहरा ख्वाब है  जिन्दगी।

हर मुश्किल सवाल का  लिए जवाब है     जिन्दगी।।

जो   दोगे    वही    लौट   कर आयेगा   जिन्दगी में।

यूँ समझ लो      बहुत       लाजवाब है  जिन्दगी।।


एस के कपूर"श्री हंस" ,बरेली



देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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