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काव्य : अनमोल उपहार बेटियां - श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर , विकासखंड सरायपाली


 

काव्य :

अनमोल उपहार बेटियां


बाबुल के दिल का अरमान होती हैं बेटियां,

घर की रौनक, आंगन की मुस्कान होती हैं बेटियां।


साज-श्रृंगार की मधुर खनक होती हैं बेटियां,

माँ के दुलार की जीवंत झलक होती हैं बेटियां।


भाई की सूनी कलाई की शान होती हैं बेटियां,

बचपन की हर याद की जान होती हैं बेटियां।


दो परिवारों के मिलन का आधार होती हैं बेटियां,

सुख-दुख में सदा सच्चा प्यार होती हैं बेटियां।


जिन्हें देखकर हर थका मन बहल जाए,

जीवन का सबसे सुंदर उपहार होती हैं बेटियां।


पिता का अभिमान ,मां के संस्कारों का मान होती है बेटियां ।

गुरुजनों का सम्मान ,परिवार की शान होती है बेटियां।।


नवयुग की पहचान होती  है  बेटियां ,

संयम, सामर्थ्य और सफलता की मिसाल है बेटियां।


माता पिता के जीवन का सम्मान होती है बेटियां,

जीवन का अनमोल उपहार होती है बेटियां।।


 - श्रीमती प्रतिभा दिनेश कर

विकासखंड सरायपाली

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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