अपनी जड़ों से जुड़ रहे नौनिहाल: सिंधी भाषा अध्यापन शिविर का पुरस्कार वितरण के साथ रंगारंग समापन
इटारसी। "जिस समाज की भाषा और संस्कृति जीवंत रहती है, वह समाज हमेशा समृद्ध रहता है।" इसी उद्देश्य के साथ पूज्य पंचायत सिंधी समाज के तत्वाव धान में और सिंधु सेवा समिति, इटारसी के सहयोग से आयोजित सिंधी भाषा (देवनागरी लिपि) अध्यापन शिविर का आज शुक्रवार, 12 जून को दोपहर 12 बजे सिंधु भवन, सिंधी कॉलोनी में गरिमामय समापन हुआ।
बच्चों ने सीखी मातृभाषा, पुरस्कार पाकर खिले चेहरे
आधुनिक दौर में बच्चों को अपनी गौरवशाली संस्कृति और मातृभाषा से जोड़े रखने के लिए इस विशेष शिविर का आयोजन किया गया था। समापन समारोह के दौरान शिविर में शामिल हुए नन्हे-मुन्ने बच्चों की खुशी देखते ही बन रही थी। अतिथियों ने शिविर में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने वाले सभी सहभागी बच्चों को आकर्षक पुरस्कार वितरित किए। अपनी भाषा सीखने के गौरव के साथ-साथ सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। कार्यक्रम का संचालन अध्यापिका स्वाति मेघानी ने किया। उन्होंने शिविर के दौरान भी बच्चों को बेहद आत्मीयता से सिंधी भाषा का ज्ञान दिया।
समाज के प्रबुद्धजनों की रही उपस्थिति
सिंधी समाज के इस अनूठे सांस्कृतिक उत्सव में समाज की तमाम प्रमुख संस्थाओं के पदाधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने शिरकत कर बच्चों का हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्य रूप से पूज्य पंचायत सिंधी समाज अध्यक्ष कैलाश नवलानी, संरक्षक मोहनलाल चेलानी, अशोक कुमार लालवानी,सिंधु सेवा समिति अध्यक्ष मोहन मोरवानी, उपाध्यक्ष अनिल मिहानी, अर्जुन दास नवलानी, कोषाध्यक्ष विजय सोनू परियानी एवं सह कोषाध्यक्ष ओम सोनी, भारतीय सिंधु सभा अध्यक्ष गोपाल सिद्धवानी, सिंधु विकास समिति के सचिव नरेश मेघानी, मनोहर राचंदानी, सिंधु सेवा समिति सचिव सोनू गुरबानी एवं कोषाध्यक्ष गौरव फुलवानी मौजूद रहे।
अभिभावकों ने सराहा प्रयास
इस भावपूर्ण समापन समारोह में केवल बच्चे ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में सिंधी समाज के नागरिक और बच्चों के माता-पिता भी मौजूद रहे। अभिभावकों ने इस अनूठे प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बच्चों को उनकी पहचान और संस्कारों से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया।
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