झूलेलाल मंदिर में चालीहा महोत्सव की धूम, संतों के आगमन से धर्ममय हुआ माहौल
इटारसी। पूज्य पंचायत सिंधी समाज के तत्वावधान में 'झूलण सेवा समिति इटारसी' द्वारा भगवान श्री झूलेलाल मंदिर में आयोजित 40 दिवसीय चालीहा महोत्सव अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महोत्सव के 11वें व 12वें दिन सिंधी समाज के महान संतों के आगमन से मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।
सिंध रहेणकी साहेब से पधारे साईं वल्लभ राम साहेब (11वां दिन)
31 जुलाई (शुक्रवार) की रात 9:30 बजे सिंध रहेणकी साहेब से साईं वल्लभ राम साहेब जी का आगमन हुआ। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि "भगवान श्री झूलेलाल जी की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग निश्छल भक्ति, सेवा और समाज में भाईचारा बनाए रखना है। चालीहा साहिब का व्रत केवल उपवास नहीं, बल्कि मन और विचारों की शुद्धि का संकल्प है।"
चकरभाठा अमरधाम से पधारे साईं लालदास साहेब (12वां दिन)
1 अगस्त (शनिवार) दोपहर 2 बजे चकरभाठा (अमरधाम) से साईं लालदास साहेब जी पधारे। उन्होंने भगवान श्री झूलेलाल जी की अमर कथा का वाचन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि "सत्य, भक्ति और मानवता की रक्षा के लिए ही भगवान झूलेलाल जी ने अवतार लिया था। हमें अपनी संस्कृति, भाषा और सनातन परंपराओं से जुड़े रहकर भावी पीढ़ी को भी इसके प्रति संस्कारित करना चाहिए।"
भव्य स्वागत व भारी जनसैलाब
दोनों ही कार्यक्रमों में 'पूज्य पंचायत सिंधी समाज', 'झूलण सेवा समिति' सहित सिंधी समाज के विभिन्न युवा, महिला व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संतों का भावभीना स्वागत एवं अभिनंदन किया। संतों के वचनामृत का लाभ लेने के लिए भारी संख्या में सिंधी समाज की माताएं, बहनें और सामाजिक बंधु मंदिर प्रांगण में उपस्थित रहे।
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