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कवि सम्मेलन में कवियों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को किया नमन


कवि सम्मेलन में कवियों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को किया नमन

अटल सरीखौ नेता चानै , घर-घर में जा बात बताने- पुरुषोत्तम नारायण

ललितपुर। उत्तर प्रदेश साहित्यसभा के तत्वावधान में भारतरत्न अटल विहारी बाजपेयी की पुण्यस्मृति में विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन डाॅ. रोहित साहू के निवास पर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाश साहू ने की। कार्यक्रम का शुभारम्भ ऋषि साहू ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। सरस्वती वन्दना करते हुए वरिष्ठ कवि सुदेश सोनी ने पढ़ा 'कृपा मात शारदे करियौ, ज्ञान हिये में भरियौ। बगरे इतै ज्ञान के गुरिया, एक लरी में बरियौ। कवियों का परिचय कराते हुए हास्यमय संचालन संस्था के संयोजक कवि महेश 'मास्साब' ने किया। उत्तर प्रदेश सभा का कार्यवृत्त, उद्देश्य एवं आगामी कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण संस्था के मन्त्री कवि शीलचन्द्र जैन 'शास्त्री ' ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में कवियों ने सर्वप्रथम अटल जी चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर अपनी भावभीनी विनयाञ्जलि प्रस्तुत करते हुए अटल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का पुण्यस्मरण किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में रचना पढ़ते हुए दीपमाला झा ने पढ़ा 'वो तो जन-जन के प्यारे थे ,जगत की आँख के तारे थे। नीरज द्विवेदी ने 'गरीबदास का शून्य ' व्यग्य के माध्यम से श्रोताओं को गुदगुदाया।रामस्वरूप अनुरागी ने 'वतन के शहीदों ने लहू देकर हिन्दोस्तान को संवारा है।' और पंकज विश्वकर्मा ने 'विज्ञान कराती बोध हमें वस्तु के हर एक गुण का। रचना पढ़ी। संस्था के मंत्री शीलचन्द्र जैन शास्त्री ने देशभक्ति पर पढ़ते कहा 'गुलशन हमारा है बतन, गुल हैं हम, गुलजार भी। आतिशी जो आँधियाँ, अब उनसे बचाना चाहिए।' जहीर ललितपुरी ने 'इतना अजीम नारा है सत्यमेव जयते।' अख़्तर जलील ने 'आँखों में जो पानी है , दिल की कारिस्तानी है। एक दिया है मुफलिस का और हवा तूफानी है। 'पुरुषोत्तम नारायण पस्तोर ने बुन्देली रचना पढ़ी 'अटल सरीखौ नेता चानै , घर-घर में जा बात बताने।' पंकज अंगार ने 'दिलों में प्यार की बातें, लवों पर द्वेष रहता है।' वीरेन्द्र विद्रोही ने 'कैसे पलेंगे बच्चे अगर खेतियाँ न हों, वह घर नहीं है घर जहाँ बेटियाँ न हों।महेश मास्साब ने पढ़ा ' भरतभूमि के भव्य भवन की निर्विवाद पहचान हो गये। हे राजनीति के राज ऋषि तुम हर दल का सम्मान हो गये।' सुदेश सोनी ने पढ़ा 'पोखरण की भूमि ने, जग में किया प्रकाश, अटल विहारी में बढ़ा भारत का विश्वास। विकास गुप्ता 'जीत' मिशन बेटियाँ फाउंडेशन ने बेटियों पर शानदार रचना पाठ किया । कार्यक्रम में साहू समाज अध्यक्ष संतोष साहू खजुरिया, प्रकाशचन्द्र साहू 'राहुल' वीरेन्द्र साहू, अमान साहू, सत्यनारायण साहू एड ,निहालचन्द साहू, रामकिशोर साहू , ध्रुव साहू, दिनेश कुमार, मुकेश साहू, रघुवीर 'कविराज' राजकुमार साहू, गीता साहू, रमेश साहू शिवशक्ति, श्रीराम नामदेव, राकेश साहू, वीरेन्द्र साहू ठेकेदार, रामस्वरूप साहू एड, विश्वप्रेम शंकर, सुषमा नामदेव आदि अनेक श्रोता कार्यक्रम के अंत तक उपस्थित रहे ।
आभार संस्था के मंत्री शीलचन्द्र जैन 'शास्त्री' ने व्यक्त किया। नवोदित लेखक एवं विचारक विशाल जैन 'पवा' ने कहा कि साहित्य शिक्षा की आत्मा है। और कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम मानव जीवन में साहित्यिक रूचि उत्पन्न करते हैं। मानव जीवन में पुस्तकें सबसे अच्छी मित्र होती हैं लेकिन आज का व्यक्ति मोबाइल तक सीमित हो गया है।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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