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आस्था और उल्लास का संगम: श्री झूलेलाल दरबार में उमड़ी श्रद्धा, गणमान्य अतिथियों ने लिया आशीर्वाद


आस्था और उल्लास का संगम: श्री झूलेलाल दरबार में उमड़ी श्रद्धा, गणमान्य अतिथियों ने लिया आशीर्वाद

इटारसी। सिंधी कॉलोनी स्थित भगवान श्री झूलेलाल मंदिर में रविवार, 16 अगस्त को चालीहा व्रत महोत्सव के अंतर्गत अद्भुत आध्यात्मिक छटा देखने को मिली। आस्था, भक्ति और समर्पण के इस पावन अवसर पर प्रदेश और नगर के कई गणमान्य अतिथियों ने इष्टदेव वरुण अवतार भगवान श्री झूलेलाल के दर्शन कर उनका पुण्य आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
महोत्सव के इस शुभ अवसर पर भगवान के दरबार में राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने अपनी हाजिरी लगाई। मुख्य रूप से भगवानदास सबनानी भारतीय सिन्धू सभा के संरक्षक, सिन्धी मेला समिति भोपाल के मुख्य संरक्षक एवं भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक, पीयूष शर्मा मध्य प्रदेश तैराकी संघ के प्रदेश अध्यक्ष, पंकज चौरे इटारसी नगर पालिका के अध्यक्ष, राहुल चौरे भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष ने श्री झूलेलाल मंदिर पहुंचकर पूरे विधि-विधान के साथ शीश नवाया। अतिथियों ने भगवान श्री झूलेलाल जी की पूजा-अर्चना की और प्रदेश तथा इटारसी नगर की सुख-शांति, समृद्धि एवं जनमानस के कल्याण की मंगल कामना की।

'पाखर' पहनाकर हुआ अतिथियों का भव्य सम्मान

सिंधी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और अतिथि सत्कार का निर्वहन करते हुए, आयोजन समिति ने पधारे हुए अतिथियों का हृदय से अभिनंदन किया। पूज्य पंचायत सिंधी समाज और झूलण सेवा समिति के समस्त पदाधिकारियों ने मंदिर परिसर में अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।

इस दौरान एक अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक क्षण तब आया, जब सभी अतिथियों को भगवान श्री झूलेलाल जी के पवित्र आशीर्वाद स्वरूप 'पाखर' पहनाई गई। यह सम्मान अतिथियों के लिए ईश्वरीय प्रसाद और समाज के प्रेम का प्रतीक रहा।

चालीहा महोत्सव: तप और समर्पण का पावन पर्व

गौरतलब है कि सिंधी समाज में चालीहा व्रत महोत्सव का अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व है। 40 दिनों तक चलने वाले इस कठिन तप और व्रत के दौरान इटारसी के श्री झूलेलाल मंदिर में प्रतिदिन विशेष आरती, पंजड़े (भजन-कीर्तन) और सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। रविवार के दिन अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति और श्रद्धालुओं के भारी उत्साह ने इस महोत्सव की भव्यता में चार चांद लगा दिए। संपूर्ण आयोजन में "आयो लाल, झूलेलाल" के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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