वृन्दावन वाटिका में हुआ अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच का सरस कवि सम्मेलन
साहित्यकार समाज को जागृत कर नई दिशा देंनें में समर्थ- प्रदीप लारिया
सागर । बृन्दावन धाम कालोनी की वृंदावन वाटिका में "श्री रुद्र देवेश्वर महादेव मंदिर" के समीप बनें सुंदर पार्क में "अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच" का सरस कविसम्मेलन ,सागर के वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य पं.महेश दत्त त्रिपाठी के पुत्र "श्री ऋग्वेद त्रिपाठी के प्रथम पुत्र "मा.सामवेद त्रिपाठी" के प्रथम जन्मोत्सव की मंगलबेला में किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि "मान.प्रदीप लारिया,विधायक ,नरयावली,विशिष्ट अतिथि,पूर्व पुलिस महानिरीक्षक श्री जे.के.दीक्षित, श्रीमंत सेठ सुरेश जैन,पूर्व मंत्री(म.प्र.शासन) श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी, पूर्व विधायक (देवरी)मान.सुनील जैन,श्रीमंत उदय जैन,थाईलैंड से पधारे श्री राजप्रकाश सक्सैना एवं श्रीमति संचिता सक्सैना,लखनादौन प्राचार्य डाॅ.सीता मिश्रा,उप-वन संरक्षक ए.के.दीक्षित, कालेज प्राचार्या डाॅ.सरोज गुप्ता,वरिष्ठ कवि संतोष श्रीवास्तव "विद्यार्थी",जी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और पूजन-अर्चन कर,कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्वस्ति-वाचन पं.सनत खम्परया,पं.हरेंद्र नायक,आचार्य पं.महेश दत्त त्रिपाठी ने मंत्रोच्चार के साथ किया।माँ सरस्वती की वंदना वरिष्ठ कवि पूरन सिंह जी राजपूत एवं स्तुति संस्कृति खम्परया द्वारा प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन कवि "डाॅ.नलिन निर्मल जैन" एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर "आदर्श दुबे" जी ने किया।
स्वागत-भाषण देते हुए "अखिल भारतीय साहित्य सृजन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष" आचार्य पं.महेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि जब भगवान श्री राम को संशय हुआ था तो गुरु वशिष्ठ जैसे उद्भट आचार्य विद्वान नें कर्म व पुरुषार्थ का महत्व समझाया था कि जीवन कर्म-प्रधान है। आज "चि.सामवेद" के जन्मोत्सव सह काव्योत्सव में देश के वे कवि, जन्मदिवस-शुभेक्षाओं एवं राष्ट्र-प्रेम की भावनाओं से ओतप्रोत रचनांऐं सुनाएंगे,जो सागर के गौरव,माँ सरस्वती के वरद-पुत्र हैं।
मान.प्रदीप लारिया विधायक ने कहा कि साहित्यकार ही अपनी सृजनात्मक क्षमता से कविताओं,कहानियों,उपन्यासों,शेरो-शायरी,ग़ज़लों से समाज को जागृत कर नई दिशा देंनें में समर्थ होकर देश के नवनिर्माण में सक्रिय योगदान देते हैं।उन्होंने त्रिपाठी-बन्धुओं पं.टीकाराम त्रिपाठी"रुद्र"(राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त)शिक्षक एवं धर्माचार्य पं.महेश दत्त त्रिपाठी के द्वारा कृत,आज के आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
पूर्व विधायक (देवरी)मान.सुनील जैन एवं श्रीमति निधि जैन ने कहा कि साहित्य-सर्जक, सौंदर्य प्रेमी,संवेदनशील, अध्ययनोन्मुख और भावना-प्रधान होते हैं व अपनी रचनाओं से,"सर्वे भवन्तु सुखिन:" को चरितार्थ करते हैं।
पूर्व-मंत्री(म.प्र.शासन)मान. नारायण प्रसाद कबीरपंथी ने कहा कि कवियों के मन-मस्तिष्क के साहित्य-उपवन में सृजित पुष्पों का गुलदस्ता जन-मन में ख़ुश्बू बिखेरता है।
श्रीमंत सेठ सुरेश - रश्मि जैन ने कहा कि बी.एस.जैन परिवार के आत्मीय सदस्य, त्रिपाठी परिवार के सभी जन हैं,जो अपनी मनमोहक रचनाओं और महेश त्रिपाठी जी द्वारा रचित काव्य-ग्रंथ "सौंधी-माटी"के माध्यम से माँ सरस्वती जी की साधना में अनवरत संलग्न हैं।
सुप्रसिद्ध लेखक डाॅ.आशीष द्विवेदी ने कहा कि कवियों का यह समूह चिंतन की अविरल धारा प्रवाहित कर लोक हित में आनंद की वर्षा कर रहे हैं,जो स्तुत्य है।
पूर्व ए.आई.जी(पुलिस) श्री जे.के.दीक्षित ने कहा कि कविगण लोक-कल्याण के तथा सर्वजन हिताय के सकारात्मक संदेश को जन-जन तक पहुंचानें में सफल होते हैं।
सभी कवियों एवं अतिथियों का सम्मान, तिलक एवं पुष्पमाला द्वारा,पं.ऋग्वेद त्रिपाठी,पं.अभय द्विवेदी,स्मृति(सिया)त्रिपाठी,पं.सनत खम्परया,डाॅ.गीतांजलि त्रिपाठी,प्राचार्य सेंमरा-गोपालमन,स्तुति,संस्कृति,कल्पना खम्परया,श्रीमती ममता त्रिपाठी,डाॅ.ऋचा-रोहित तिवारी,मुरली मनोहर शुक्ला,राजेश जैन,प्र.ले.स.अध्यक्ष श्री टीकाराम त्रिपाठी"रुद्र",अंकुर,स्वीटी त्रिपाठी,चंद्रकाँता त्रिपाठी,बद्री प्रसाद शुक्ला(देहरी वाले),दमोह से पधारे स्वतंत्र-दीपा गौतम,संतोष गौतम,लखनादौन प्राचार्य सीता विनोद मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि श्री संतोष श्रीवास्तव "विद्यार्थी(से.नि.डिप्टी-कलेक्टर) ने--
"*जन्मदिवस हो तुम्हें मुबारिक, विद्या-दीप जले आकाश।*
*सामवेद नाम कर सार्थक, जग में उज्ज्वल भरो प्रकाश।*"
कह कर चिं.सामवेद को शुभाशीष देते हुए कविसम्मेलन का आगाज़ किया।
कविसम्मेलन में सर्वश्री हरगोविंद "विश्व" जी(प्रख्यात लोकगीत गायक),शायर श्री गजाधर "सागर",अंतर्राष्ट्रीय शायर श्री आदर्श दुबे,डाॅ.नलिन निर्मल जैन,कवि-शिक्षाविद् डाॅ.अभय सिंह,सुश्री उषा वर्मन,डाॅ.वंदना, डाॅ.रामानुज गुप्ता,डाॅ.देवेन्द्र गुरु,ममता भूरिया,शायर अरुण दुबे"अरुण"(से.नि.डी.एस.पी.),पूरन सिंह राजपूत, डाॅ.ऋषभ भारद्वाज,आचार्य पं.महेश दत्त त्रिपाठी,मुकेश तिवारी,पी.आर.मलैया,बालकवि निमित्र तिवारी,प्रभात कटारे,सुबोध मलैया,दामोदर अग्निहोत्री,प्रलेस अध्यक्ष टीकाराम त्रिपाठी"रुद्र",शायर बृंदावन राय"सरल, डाॅ.सुखदेव मिश्रा,डाॅ.बीरेन्द्र पाठक,पं.पप्पू तिवारी(शिवसेंना) ,डाॅ.सरोज गुप्ता(प्राचार्य, दीनदयाल उपाध्याय काॅलेज),ने अपनी श्रेष्ठ रचनाऐं/शायरी ,ग़ज़लें सुनाकर सभी उपस्थित-जन को देर रात तक आनंद-विभोर किया।
कालोनी वासियों की ओर से,एडवोकेट आशीष चतुर्वेदी,मुदित दुबे,विजय जैन ने तथा "त्रिपाठी परिवार की ओर से" ममता,वनिता और आरती त्रिपाठी ने आगन्तुकों का आभार-ज्ञापन किया।
इस अवसर पर उपस्थित आत्मीय-जनों,रिश्तेदारों,आगंतुक-गणों,व साहित्यकारों नें स्वरुचि-भोज में सहभाग कर आयोजक-परिवार को धन्य किया।
अंत में सभी उपस्थित जन-मानस ने देश की एकता व अखंडता कायम रखनें का संकल्प लेते हुए आपस में "स्वाधीनता दिवस के बधाई संदेश का आदान-प्रदान किया।
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साहित्यिक समाचार
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