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लक्ष्य पर अडिग रहें, सकारात्मक सोच अपनाएं और अहंकार से बचें’- विरक्त संत स्वामी श्री सनिष्ठानंद जी



लक्ष्य पर अडिग रहें, सकारात्मक सोच अपनाएं और अहंकार से बचें - विरक्त संत स्वामी श्री सनिष्ठानंद जी

 मंदसौर के अंतरराष्ट्रीय भागवताचार्य दशपुररत्न गोलोकवासी पं. मदनलाल जोशी शास्त्री की स्मृति में अपना घर मे हुआ आयोजन 

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट 

मंदसौर। अंतरराष्ट्रीय भागवताचार्य दशपुररत्न गोलोकवासी पं. मदनलाल जोशी शास्त्री के स्मृति दिवस पर पं. मदनलाल जोशी स्मृति पर्व समिति द्वारा निराश्रित बालिका गृह ‘अपना घर’, स्थित सभागार में रविवारको‘स्मरण प्रसंग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। 
 विरक्त संत स्वामी  श्री सनिष्ठानंद महाराज के सानिध्य में हुए आयोजन में पं. जोशी के व्यक्तित्व और धर्म-अध्यात्म के क्षेत्र में उनके योगदान को स्मरण किया गया। 

स्वामी सनिष्ठानंदजी महाराज ने मार्गदर्शन करते हुए बच्चों को जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और अहंकार से दूर रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष की संस्कृति में कोई अनाथ नहीं होता, सबका मालिक भगवान है। ईश्वर सेवा और परोपकार के कार्यों के लिए मनुष्य को निमित्त बनाते हैं। राजा ध्रुव की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर को सदैव अपना साथी मानकर प्रभु स्मरण के साथ कर्म करना चाहिए।
स्वामी जी ने हनुमान के जीवन को बच्चों के लिए प्रेरणादायी बताते हुए सफलता के पांच सूत्र बताए। लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय रखें, दूसरों को देखकर अपने लक्ष्य से विचलित न हों, कार्य के प्रति सकारात्मक भाव रखें, लक्ष्य के लिए पूरी तरह समर्पित रहें और सफलता मिलने पर अहंकार न करें। उन्होंने कहा कि इन सूत्रों को जीवन में अपनाने से व्यक्ति निरंतर सफलता की ओर बढ़ सकता है।

स्वामीजी ने कहा कि मनुष्य जीवन भगवान का दिया सबसे बड़ा वरदान है। इसे छोटी-छोटी बातों में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। जीवन सेवा और उपकार के लिए मिला है। इसलिए परिस्थितियां कैसी भी हों, नकारात्मक नहीं होना चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। 
आपने कहा कि ‘अपना घर’ बालिका गृह स्वर्ग के समान है, जहां बच्चों को सुख और खुशी मिलती है। संस्कार और अनुशासन मिल रहे हैं बच्चों को यहां से दया और करुणा का भी भाव ग्रहण करना चाहिए जो जीवन में सदैव जीवंत बनाए रखेंगे 
स्वामी श्री सनिष्ठा नन्द जी महाराज ने दशपुर क्षेत्र के दिवंगत धर्म अध्यात्म संस्कृति मनीषी पण्डित श्री मदनलाल जोशी शास्त्री को स्मरण करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की ।

शिक्षाविद् रमेशचंद्र चंद्रे ने पं.जोशी से जुड़े संस्मरण सुनाते हुए कहा कि वर्ष 1987 में शुजालपुर में रहते हुए मध्यभारत के प्रथम वित्त मंत्री सौभाग्यमल जैन के माध्यम से पं. जोशी की ख्याति के बारे में जानकारी मिली थी। बाद में मंदसौर आने पर वे उनके प्रति श्रद्धावनत रहे। उन्होंने बताया कि मध्यभारत के प्रथम प्रधानमंत्री लीलाधर और वित्त मंत्री सौभाग्यमल जैन जैसी विभूतियां भी पं. जोशी के प्रति श्रद्धावनत थीं।

केशव सत्संग भवन के अध्यक्ष जगदीशचंद्र सेठिया ने विरक्त संत स्वामी श्री सनिष्ठानंद महाराज का परिचय देते हुए बताया कि उन्होंने कैलाश आश्रम में विद्यानंद गिरि से दीक्षा ली और विरक्त भाव से विचरण करते हैं। विभिन्न धर्म शास्त्रों पर आधारित ज्ञान से समाज को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं । स्वामी जी चातुर्मास प्रवचन सत्संग का लाभ मंदसौर अंचल के धर्म प्रेमी सज्जनों श्रद्धालुओं को नियमित मिल रहा है।

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश जोशी ने कहा कि पं. मदनलाल जोशी ने श्रीमद्भागवत के माध्यम से देश-विदेश में भारतीय संस्कृति का प्रचार किया। उन्होंने मंदसौर में धर्म, अध्यात्म और हिंदी के क्षेत्र में भी सांस्कृतिक चेतना की अलख जगाई।

अपना घर के संचालक राव विजय सिंह ने बालिका गृह अपना घर की विकास यात्रा से अवगत कराया और कहा कि पूरा नगर बच्चो का है। सभी के सहयोग से यह संस्था आदर्श संस्था बनी है यहां की 11 बिटिया का विवाह हुआ है और अनेक बच्चियां उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही है। 

कार्यक्रम की शुरुआत पं. मदनलाल जोशी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण से हुई। पं. मदनलाल जोशी स्मृति पर्व समिति से कैलाश जोशी, ब्रजेश जोशी, प्रशांत जोशी ने महाराज श्री का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। 

कार्यक्रम में स्वामी श्री सनिष्ठानंद जी महाराज का स्वागत अपना घर स्वाध्याय मंच के संस्थापक राव विजय सिंह, पं. राधेश्याम शर्मा पार्टनर, नरेंद्र अग्रवाल, बंशीलाल टांक, डॉ .रविंद्र पांडेय, अजय सिखवाल एड., सांसद प्रतिनिधि गौरव अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल सर, पण्डित विनोद रुनवाल, पं.नवीन जोशी, अजय तिवारी, महेश शर्मा,पप्पू,राजीव शर्मा, जगदीशचंद्र सेठिया, डॉ.देवेंद्र पुराणिक डॉ.घनश्याम बटवाल,कारूलाल सोनी,पं. शिवनारायण शर्मा, डॉ.दिनेश तिवारी, राजेंद्र चाष्टा, लोकेश पालीवाल, श्याम कहार, शंभु सेन राठौर, अपना घर अधीक्षिका मोनिका सिंह, हेमलता सोनी, वंदना गौड़, प्रियंका व्यास, गायत्री पंचोली और ‘अपना घर’ की बालिकाओं ने किया। संचालन डॉ. देवेंद्र पुराणिक ने किया आभार राव विजयसिंह ने माना।

इस मौके पर बालिका गृह अपना घर की गतिविधियों पर केंद्रित फोल्डर और साहित्य पूज्य स्वामी जी को राव विजय सिंह ब्रजेश जोशी श्याम क हार आदि ने भेंट किया। स्वामी जी ने अपना घर की व्यवस्था ओर बालिकाओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की और बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की कामना की ।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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