आध्यात्मिक जीवन-गाथा का चलचित्र रूपांतरण :‘शांति समय सागर’ का ट्रेलर रविवार को हुआ लॉन्च
इटारसी। शहर की पावन धरती पर रविवार का दिन एक विशेष और ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बना। आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत चलचित्र ‘शांति समय सागर’ का ट्रेलर लॉन्च किया गया। इस अवसर पर चलचित्र की पहली झलक ने उपस्थित दर्शकों को आध्यात्मिक भावनाओं से अभिभूत कर दिया।
‘शांति समय सागर’ केवल एक चलचित्र नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायी आध्यात्मिक जीवन-यात्रा को चलचित्र के माध्यम से प्रस्तुत करने का भावपूर्ण प्रयास है। चलचित्र में जीवन, साधना, त्याग, संयम और आध्यात्मिक चेतना के विविध आयामों को संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया गया है।
बालक शांतिनाथ से आचार्य समयसागर तक की यात्रा
चलचित्र की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें बालक शांतिनाथ के जन्म से लेकर आचार्य पद पर पदारोहण तक की जीवन-यात्रा को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
बाल्यकाल के संस्कारों से प्रारंभ होकर शिक्षा, जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव, वैराग्य, त्याग, संयम, साधना और आध्यात्मिक उत्कर्ष तक की यात्रा को चलचित्र के विभिन्न दृश्यों के माध्यम से जीवंत रूप देने का प्रयास किया गया है।
बालक शांतिनाथ से आचार्य समयसागर बनने तक की यह यात्रा केवल घटनाओं का क्रम नहीं, बल्कि संस्कार से साधना, साधना से संयम और संयम से आचार्यत्व तक की प्रेरणादायी आध्यात्मिक गाथा है।
चलचित्र में उनके जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि दर्शक केवल घटनाओं को देखें ही नहीं, बल्कि उनके पीछे निहित त्याग, तपस्या और आध्यात्मिक भावों को भी अनुभव कर सकें।
आर्यिका भावनामती माताजी की लेखनी
चलचित्र की पटकथा एवं संपूर्ण गीत आर्यिका भावनामती माताजी की लेखनी से रचे गए हैं। उनकी भावपूर्ण लेखनी ने इस जीवन-गाथा को गहराई और संवेदनशीलता प्रदान की है। गीतों के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभूतियों और जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को सुंदर एवं भावपूर्ण शब्दों में अभिव्यक्त किया गया है।
चलचित्र के संगीत पक्ष में गायन एवं संगीत प्रस्तुति अमित कच्छेर, कटनी ने की है। उन्होंने इन भावपूर्ण रचनाओं को अपनी आवाज और संगीत के माध्यम से मधुरता प्रदान की।
इन सभी रचनात्मक प्रयासों के समन्वय से एक ऐसी आध्यात्मिक कृति आकार लेती है, जो जीवन, साधना और आत्मिक चेतना के संदेश को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास करती है।
ट्रेलर में दिखी आध्यात्मिक जीवन-यात्रा की झलक
रविवार को इटारसी में आयोजित ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर दर्शकों को इस बहुप्रतीक्षित चलचित्र की पहली झलक देखने को मिली। ट्रेलर में बाल्यकाल से लेकर वैराग्य, संयम, साधना और आचार्य पद तक की जीवन-यात्रा के विभिन्न प्रसंगों की झलक दिखाई गई।
यह आयोजन केवल एक चलचित्र के ट्रेलर के अनावरण का अवसर नहीं रहा, बल्कि एक प्रेरणादायी आध्यात्मिक भावयात्रा के आरंभ का साक्षी बना। इस अवसर पर आर्यिका भक्तिमति व आर्यिका सदयमति भी मंच पर उपस्थित थीं।
गुल्ली दीदी व रितु जैन ने बताया ‘शांति समय सागर’ के माध्यम से आचार्य समयसागर के जीवन, साधना, संयम और त्याग की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास निश्चित रूप से आध्यात्मिक मूल्यों और संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा देने वाला है।
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