माधव आश्रम में शारदीय नवरात्र काव्य गोष्ठी का आयोजन, जीवन विमर्श पर कवियों ने रखे विचार
प्रकृति, मानवीय मूल्यों और जीवन दर्शन पर केंद्रित रही काव्य संगोष्ठी; व्याहृति होम से शुभारंभ और अग्निहोत्र के साथ हुआ समापन
भोपाल। माधव आश्रम संस्थान परिसर में डॉ गौरीशंकर शर्मा 'गौरीश' के सहयोग से अखिल भारतीय कला मंदिर, भोपाल द्वारा शारदीय नवरात्र काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का विषय ‘जीवन विमर्श’ था। कार्यक्रम में साहित्य, प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं और जीवन दर्शन से जुड़े विचारों ने उपस्थित जनों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार व्याहृति होम से हुआ। अध्यक्षता कर रहे डॉ गौरीशंकर शर्मा गौरीश, मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विष्णु राजोरिया अध्यक्ष मध्यप्रदेश परशुराम बोर्ड, आदरणीया नलिनी माधव जी, श्री हरिवल्लभ शर्मा 'हरि' एवं श्रीमती कांता राय उपस्थित रहे।
काव्य गोष्ठी में प्रमुख कवि एवं विचारक श्री वी.के. श्रीवास्तव, श्री मती सीमा हरि शर्मा, श्री कमल सिंह, श्री होशियार सिंह पटेल, श्री उमेश तिवारी ‘आरोही’, डॉ. राजेश तिवारी, श्री बी एल गोहिया, डॉ. सीमा अग्रवाल, श्री ओमप्रकाश खुराना, श्री गोकुल सोनी, श्री मृदुल त्यागी, श्रीराम माहेश्वरी, श्रीमती सीमा शिवहरे सुमन, श्री आदित्य हरि गुप्ता एवं डॉ. विवेक पोद्दार सहित अन्य साहित्यप्रेमियों ने सहभागिता की।
सभी रचनाकारों ने अपनी कविताओं एवं विचारों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण, मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनाओं तथा जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाओं ने जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को समझने का संदेश दिया।
इस अवसर पर माधव आश्रम संस्थान की गतिविधियों एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए अग्निहोत्र के प्रचार-प्रसार के प्रयासों की जानकारी भी दी गई। संस्थान पिछले पाँच दशकों से अधिक समय से अग्निहोत्र के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और वैदिक परंपरा के प्रचार-प्रसार में संलग्न है।
आश्रम परिसर के शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण से सभी अतिथि प्रभावित हुए। उपस्थित साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों ने अग्निहोत्र के प्रचार-प्रसार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन अग्निहोत्र के साथ हुआ।
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